तुम मेरे सपनों में बसी, तुममें सोया-सा मैं सनम

तुम मेरे सपनों में बसी, तुममें सोया-सा मैं सनम
प्यार की करवट ले बैठा, अब तुममें खोया-सा मैं सनम

तेरी यादों के बादल से,कोई गिरती एक बूँद हूँ मैं
पलकों में बंद तेरा चेहरा, तेरी धड़कन को चूम लूँ मैं
हर सज़दे-सा तुझको पढ़कर, हो जाऊँ मैं ख़ुद में ही दफ़न
तुम मेरे सपनों में बसी, मैं तुममें सोया-सा मैं सनम
प्यार की करवट ले बैठा, अब तुममें खोया-सा मैं सनम

हर आहट में तुमको सुनकर साँसे साँसों को सहलाती
तुम दूर कहीं हँसती फिर मुझमें प्यारा राग बज़ाती
हो सरगम-सी तारों की टिमटिम,गीत कोई,कोई हो भजन
तुम मेरे सपनों में बसी, तुममें सोया-सा मैं सनम
प्यार की करवट ले बैठा, अब तुममें खोया-सा मैं सनम

तुम मेरे सपनों में बसी, तुममें सोया-सा मैं सनम
प्यार की करवट ले बैठा, अब तुममें खोया-सा मैं सनम

About Ashish kavita

प्रकाशित पुस्तक - मेरी कविता मेरे भाव https://www.amazon.in/dp/B07V7BSHL9?ref=myi_title_dp I am Ashish Mishra living in London from 10 years. Earned education from Delhi. At present working in Computer Software arena. Since childhood I am attached to Hindi poetry. I love hindi poem. My favourite poets are Ramdhari Singh Dinkar, Harivansh Rai Bachan, Maithili Sharan Gupt … Email address: ashish24mishra@gmail.com https://www.facebook.com/profile.php?id=100000578775200 Edit
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