Tag Archives: माँ कविता

जन्मदिन किसी का, कोई हँसा है

जन्मदिन किसी का, कोई हँसा है ग़म है, ख़ुशी है, डूबा नशा है लहर ज़िंदगी है, जो बनती बनाती ढूँढे किनारा नया जो बना है बनाना कठिन ज़िंदगी का ठिकाना मिला भी ठिकाना, कहाँ वो रहा है जन्मदिन तुम्हारा एक … Continue reading

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सुबह आज़की नई-नई है, सुंदर-सुंदर प्यारी-सी

सुबह आज़की नई-नई है, सुंदर-सुंदर प्यारी-सी ख़ुशियों में दिन भरा रहे, ख़ुशबू रात चमेली-सी तुम्हें ज़िंदगी ख़ूब मुबारक और दुआएँ देते ख़ूब पँख लगे सपनों में तेरे, कुछ ना रहे पहेली-सी आज़ नया दिन, कल पुराना घंटों में हो जाता … Continue reading

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प्यार-मोहब्बत का एक दिन?क्यूँ ना और बनाया जाए

प्यार-मोहब्बत का एक दिन?क्यूँ ना और बनाया जाए प्यार-मोहब्बत का ये दिन,क्यूँ ना रोज़ मनाया जाए तुम्हें प्रेम की चिट्ठी लिखकर,कबतक उनको फाड़ा जाए कबतक उनके ख़्वाबों को,तकिए के पास सुलाया जाए जाने कब आए फ़रबरी, रुकी ये धड़कन मरी … Continue reading

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शिव-शिव

नमन आपको जटाधारी, त्रिपुरारी शिव-शिव हे गौरीशंकर, महादेव, वैरागी शिव-शिव हो महाकाल, हे रूद्र नरेश, अविनाशी शिव-शिव हमें ज्ञान दो, बने सहिष्णु, सन्यासी शिव-शिव आराध्य देवं, महाकाल, कैलाशि शिव-शिव चकोर ताण्डवं, त्रिशूल दंत: काशी शिव-शिव त्वम तुरीयम, चिता भस्मलेपो देह … Continue reading

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और गरीबी हँस ले तू, देख मेरी ये रूखि रोटी

और गरीबी हँस ले तू, देख मेरी ये रूखि रोटी कल भी भूखा आज़ भी भूखा, कुटिया मेरी टूटी दाल नहीं, चावल ना घर में, नहीं नमक ना तेल धनिया जीरा नहीं बचा, गरम मसाला ना पचमेल खेत नहीं खलिहान … Continue reading

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थकी हुई यादों को तुम

थकी हुई यादों को तुम, खोई बात बता देना जो पलकें भर-भर मोती रोके, उनको आज़ बहा देना यूँ तो शोर बड़ा होगा, पर सन्नाटा सुनता होगा चीख़ें दबी-दबी जो हैं, थपकी-थपकी जगा देना रोती साँसों ने सिसकी पाली, सूखे … Continue reading

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हाथ तिरंगा आप उठा थोड़ा ‘चंदन’ बन लेने दो

और नहीं आडंबर करना थोड़ा वंदन कर लेने दो हाथ तिरंगा आप उठा थोड़ा ‘चंदन’ बन लेने दो कबतक सीधी भाषा बोलोगे, थोड़ा ठोस तो बोलो रोका जिसने भारत बेटे को, उनको ललकार से तोलो जब कासगंज इतिहास लिखेगा वो … Continue reading

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फिर माँ को याद किया जो मैंने

फिर माँ को याद किया जो मैंने आँसू निकले नदी से बहने दिल गुलज़ार नहीं तेरे बिन तेरे बिन ममता के बिन दिन गुज़रे दरस ना तेरे बरस रहे नैना ये मेरे हूँ परदेस में दूर कहीं कहने को चलता … Continue reading

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