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माँ का स्वर्गारोहण

माँ बरसों से दूर था तुमसे पर माँ है ग़ुरूर था मुझे हालाँकि आँखें सीली रहीं चाहे परदेस ही था पर माँ है तसल्ली रही माँ गोद में कुछ ऐसे सुलाती थी माँ लोरी गा चंदा रात बुलाती थी और … Continue reading

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