Tag Archives: gazal

मित्र

कुछ पल को मित्र क्या दूर हुआ लाचार हुआ, बेकार हुआ नम आँखों से मन को धोया मन में कई बार विकार हुआ कोई हमसे यूँ रूठा था जैसे सपना कोई झूठा था ना रात नींद से बात हुई ना … Continue reading

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देख सुबह से शाम हो गई

देख सुबह से शाम हो गई भागती ज़िंदगी आम हो गई कुछ दूर चला फ़िर रुक गया आराम कर लूँ थोड़ा थक गया सुस्त क़दम और चलने से क्या सूने आसमान में उड़ने से क्या दो पल ही सही बात … Continue reading

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सुबह बिक रहा है शाम बिक रहा है

सुबह बिक रहा है शाम बिक रहा है दोस्ती में तू बदनाम दिख रहा है रिश्ता जो कुछ दिन रहा उत्सव-सा निपटने लगा सरेआम दिख रहा है वो तोहफ़े, वे चिट्ठियाँ और वो लिफ़ाफ़े टूटे मकान में दबा सामान दिख … Continue reading

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ईद की बधाई

ख़ुशबू रही हमेशा था रमज़ान का महीना बंदे करे इबादत दिल को बना मदीना चाँद भी चमक कर इफ़्तार कर रहा है त्योहार आ रहा है तैयार हो रहा है ख़ुशी का मौसम ख़ुदा की दुहाई ईद की फ़िज़ा है … Continue reading

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ज़िंदगी से बात कर ले

बैठ जा कुछ ज़िंदगी से बात कर ले बात कर के ज़िंदगी को साथ कर ले रात भर लेटा तो था पर सोया नहीं है कल की भागमभाग में खोया कहीं है अपने जो थे वे आज़ नपने लग रहे … Continue reading

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माँ तुम

माँ तुम अलबेली, गंगा-सी पवित्र हो मन की जगमग ज्योति तुम हो, इत्र हो माँ तुम प्यारी, वो लोरी की थाप हो वेदों के मंत्रों की जैसे कोई जाप हो माँ तुम पहेली, सीपों के अंदर मोती हो मैं रोता … Continue reading

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आँसू

जो बात कहनी थी वो शायद हो गई। जब आँख से आँसू रुका ही नहीं।। आँसू निकल सारी क़वायद कर गए । मन के फफोले आँसुओं में सन गए ।। जब आँख का आँसू ढ़लकता गाल पर। दीखता है प्रेम … Continue reading

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