Tag Archives: rishte

सुबह बिक रहा है शाम बिक रहा है

सुबह बिक रहा है शाम बिक रहा है दोस्ती में तू बदनाम दिख रहा है रिश्ता जो कुछ दिन रहा उत्सव-सा निपटने लगा सरेआम दिख रहा है वो तोहफ़े, वे चिट्ठियाँ और वो लिफ़ाफ़े टूटे मकान में दबा सामान दिख … Continue reading

Posted in जीवन | Tagged , , , , , | 15 Comments